Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● यूपी पुलिस SI भर्ती 2025 का अंतिम परिणाम जारी, 4543 अभ्यर्थियों का चयन, ऐसे करें रिजल्ट चेक ● Trump का यू-टर्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में 20% शुल्क का प्रस्ताव वापस, अब खाड़ी देशों से निवेश पर फोकस ● रात्रिकालीन निरीक्षण में ईकोटेक-3 की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का जायजा, जल्द पूरी तरह रोशन होगा औद्योगिक क्षेत्र ● तिलपता रोटरी पर जाम से मिलेगी राहत, ग्रेटर नोएडा में बनेगा 4 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड ● ग्रेटर नोएडा में सनसनीखेज वारदात: पिज्जा लेने निकले प्रॉपर्टी डीलर की कार में मिली लाश, सीने में लगी थी गोली ● E20 Petrol Controversy: केजरीवाल की केंद्र से अपील- 'माइलेज कम तो पेट्रोल का दाम भी कम हो ● ग्रेटर नोएडा: ग्राम छपरौला में जीएनआईडीए के स्वच्छता कर्मियों को मिला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण ● पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में सुरक्षा को लेकर सक्रिय हुए निवासी, DCP और ADM को सौंपा ज्ञापन, पुलिस कार्रवाई की सराहना ● बारिश में जलभराव पर सिर्फ प्राधिकरण नहीं, नागरिकों की भी है बराबर जिम्मेदारी ● यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 77,007 पौधों का रोपण, स्कूली बच्चों ने भी लिया हिस्सा

Trump का यू-टर्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में 20% शुल्क का प्रस्ताव वापस, अब खाड़ी देशों से निवेश पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रस्ताव से पीछे हटते हुए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।
top-news

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रस्ताव से पीछे हटते हुए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ सकारात्मक और उपयोगी बातचीत के बाद उन्होंने इस प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया। अब अमेरिका की प्राथमिकता खाड़ी देशों के साथ व्यापार और बड़े निवेश समझौते करना होगी। ट्रंप के अनुसार, इन समझौतों के तहत खाड़ी देश अमेरिका में बड़े स्तर पर निवेश करेंगे, जिससे दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ मिलेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान से जुड़े जहाजों या ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन ईरान से जुड़े समुद्री परिवहन पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध लागू रहेंगे।


ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि तेल उत्पादन पहले से कहीं अधिक हो रहा है और इसका श्रेय अमेरिका की सैन्य शक्ति को जाता है। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन और सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित बना हुआ है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी निवेश मौजूद है और नए निवेश समझौतों के बाद यह आंकड़ा और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इन निवेशों से अमेरिका में नए कारखाने, औद्योगिक संयंत्र और आधुनिक मशीनरी स्थापित होगी, जिससे लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी नीतियों ने देश को अस्थिरता और आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जा सकता है। उनका तर्क था कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए आर्थिक लाभ भी अमेरिका को मिलना चाहिए। हालांकि अब उन्होंने स्वयं इस विचार से पीछे हटते हुए कहा है कि किसी भी देश को इस समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए शुल्क नहीं देना चाहिए और इसकी बजाय निवेश आधारित साझेदारी बेहतर विकल्प है। व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी ट्रंप ने कहा कि अमेरिका शुल्क वसूली के बजाय अरबों डॉलर के निवेश को प्राथमिकता देगा। ट्रंप के इस यू-टर्न को वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे फिलहाल शिपिंग लागत बढ़ने और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं कम हो गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *